सीधा जवाब: नई गाड़ी को पहले पंजीकरण के एक साल बाद से वैध PUC (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट चाहिए। उसके बाद केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के नियम 115(7) के अनुसार PUC 6 महीने चलता है, और BS-IV या BS-VI मानक वाली गाड़ियों के लिए 12 महीने। ध्यान रहे, नियम लागू करना राज्यों के हाथ में है: दिल्ली में BS-IV/BS-VI से पुरानी गाड़ियों का PUC सिर्फ़ 3 महीने चलता है।
अपनी गाड़ी का उत्सर्जन मानक (BS-IV, BS-VI वगैरह) पता न हो, तो डीलर या RTO से पूछ लीजिए। फिर नीचे का कैलकुलेटर तारीख बता देता है।
- 1 सालपहले पंजीकरण से, जिसके बाद PUC ज़रूरीनई गाड़ी
- 12 महीनेBS-IV या BS-VI मानक वाली गाड़ियाँ
- 6 महीनेबाकी गाड़ियाँ
- 3 महीनेदिल्ली में BS-IV/BS-VI से पुरानी गाड़ियाँराज्य का उदाहरण
केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989, नियम 115(7), जैसा MoRTH ने PIB विज्ञप्ति (22.07.2021) में उद्धृत किया; दिल्ली परिवहन विभाग। अक्टूबर 2026 में जाँचा गया।
नियम क्या कहता है
अंदाज़न हिसाब। असली तारीख आपके PUC पर छपी “Validity upto” वाली तारीख है।
सड़क परिवहन मंत्रालय ने 2021 की विज्ञप्ति में नियम 115(7) का पाठ यों उद्धृत किया है: पहले पंजीकरण से एक साल बीतने के बाद हर गाड़ी में राज्य सरकार की अधिकृत एजेंसी का जारी किया वैध PUC होना चाहिए; उसकी वैधता छह महीने होगी, BS-IV या BS-VI मानक वाली गाड़ियों के लिए बारह महीने; और सर्टिफिकेट हमेशा गाड़ी में रहना चाहिए और माँगने पर दिखाना होगा।
इसी विज्ञप्ति में मंत्रालय ने साफ़ किया है कि मोटर वाहन अधिनियम और नियमों को लागू करना राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का काम है। इसीलिए अलग-अलग राज्यों में वैधता या शुल्क अलग मिल सकते हैं।
आपकी गाड़ी पर कौन-सी अवधि लागू है
| गाड़ी | PUC की वैधता |
|---|---|
| नई गाड़ी | पहले पंजीकरण से 1 साल तक PUC ज़रूरी नहीं |
| BS-IV या BS-VI मानक | 12 महीने |
| बाकी गाड़ियाँ, केंद्रीय नियम | 6 महीने |
| दिल्ली: BS-IV/BS-VI से पुरानी गाड़ियाँ | 3 महीने (राज्य का उदाहरण) |
कैलकुलेटर अंदाज़ा देता है। असली तारीख वही है जो आपके PUC पर “Validity upto” के आगे छपी है।
नया PUC कहाँ और कैसे बनता है
शुल्क राज्य तय करते हैं; ऊपर का शुल्क दिल्ली परिवहन विभाग का है।
PUC राज्य सरकार से अधिकृत केंद्रों पर बनता है; दिल्ली परिवहन विभाग के अनुसार ऐसे केंद्र कई पेट्रोल पंपों और वर्कशॉप पर हैं। मंत्रालय ने राज्यों को सलाह दी है कि हर फ़्यूल स्टेशन पर PUC केंद्र अनिवार्य करें। केंद्र पर गाड़ी के धुएँ की जाँच होती है; गाड़ी मानक पर खरी उतरे, तभी सर्टिफिकेट मिलता है। ज़्यादा धुआँ हो, तो पहले मरम्मत या ट्यूनिंग करानी पड़ती है।
शुल्क राज्य तय करते हैं। उदाहरण के लिए दिल्ली में पेट्रोल, CNG या LPG वाले दो और तिपहिया वाहनों का ₹60, चारपहिया का ₹80 और डीज़ल गाड़ियों का ₹100 है, GST अलग।
2021 से पूरे देश में PUC का एक ही फ़ॉर्मेट है, जिस पर QR कोड, गाड़ी का पंजीकरण नंबर, निर्माण का महीना-साल और मोबाइल नंबर के आख़िरी चार अंक होते हैं। 2018 से PUC का डेटा VAHAN डेटाबेस से जोड़ा गया है।
PUC खो गया या डाउनलोड करना है
नया PUC सर्टिफिकेट राष्ट्रीय वाहन रजिस्टर से “system generated” होता है, यानी उसका रिकॉर्ड VAHAN में रहता है, और Parivahan की PUC वेबसाइट, puc.parivahan.gov.in, पर PUC सर्टिफिकेट की ऑनलाइन सेवा है। कागज़ खो जाए, तो पहले वहीं से कॉपी निकालने की कोशिश कीजिए।
डिजिटल कागज़ों के बारे में एक काम की बात: सड़क परिवहन मंत्रालय की 2018 की सलाह के अनुसार DigiLocker या mParivahan में मौजूद दस्तावेज़ मूल दस्तावेज़ों के बराबर माने जाने चाहिए। गाड़ी के बाकी कागज़ों, RC और बीमा, की बातें RC खो गई वाले पेज और गाड़ी के बीमा वाले पेज पर हैं।
बिना PUC पकड़े गए तो
बिना वैध PUC गाड़ी चलाना मोटर वाहन अधिनियम की धारा 190(2) के तहत दंडनीय है। 2026 में संसद ने Jan Vishwas (Amendment of Provisions) Act पारित किया, जिसने मोटर वाहन अधिनियम के कई प्रावधान बदले हैं। इसलिए इंटरनेट पर पुराने लेखों में लिखी चालान राशि पर भरोसा मत कीजिए; मौजूदा राशि अपने राज्य के परिवहन विभाग या echallan.parivahan.gov.in पर देखिए।
PUC होने पर भी अगर गाड़ी साफ़ तौर पर धुआँ दे रही हो, तो दिल्ली परिवहन विभाग के अनुसार PUC रद्द किया जा सकता है और सात दिन के भीतर नया PUC दिखाने को कहा जाता है।
तारीख कैसे याद रखें
हाथ से: PUC मिलते ही उसकी फ़ोटो खींचिए और “Validity upto” वाली तारीख से एक हफ़्ता पहले की कैलेंडर एंट्री बना लीजिए; ऊपर का कैलकुलेटर यही करता है। गाड़ी के सारे कागज़ों की तारीखें एक जगह देखनी हों, तो रिन्यूअल कैलेंडर काम आता है, और पूरी सूची गाड़ी के कागज़ों वाले पेज पर है।
Paperlock में PUC की फ़ोटो रखेंगे, तो ऐप वैधता की तारीख खुद पढ़ लेता है और, रिमाइंडर चालू हों तो, ख़त्म होने से 30 और 7 दिन पहले याद दिलाता है।
यह पेज अक्टूबर 2026 में उपलब्ध MoRTH, Parivahan और दिल्ली परिवहन विभाग की जानकारी पर आधारित है। अपने राज्य की वैधता और शुल्क वहाँ के परिवहन विभाग से पक्का कर लें।