सीधा जवाब: राशन कार्ड की ई-केवाईसी राशन दुकान पर ई-पॉस मशीन से आधार बायोमेट्रिक (उँगली या आँख) के ज़रिये होती है। केंद्र के खाद्य विभाग ने 25 जून 2024 के पत्र में पूरे देश में 100% ई-केवाईसी का लक्ष्य रखा है, पर अंतिम तिथि और न कराने के परिणाम राज्य तय करते हैं। उदाहरण के लिए गुजरात ने सभी कार्ड धारकों के लिए 30 जून 2025 की तिथि रखी थी।

ई-केवाईसी: केंद्र का निर्देश और एक राज्य की तिथि
  1. 25 जून 2024खाद्य विभाग (DFPD) का पत्र: पूरे देश में 100% ई-केवाईसी का लक्ष्य, किसी भी जगह से कराने की सुविधा
  2. 30 जून 2025उदाहरण, गुजरात: सभी राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी की अंतिम तिथि
  3. आपके राज्य की तिथिराज्य का खाद्य विभाग तय करता है; पोर्टल, राशन दुकान या नोटिस से पक्का करें

स्रोत: DFPD का पत्र दिनांक 25.06.2024 और PIB, 3 जून 2025। गुजरात की तिथि सिर्फ़ उदाहरण है, राष्ट्रीय तिथि नहीं।

केंद्र ने क्या कहा, राज्य ने क्या

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) का 25.06.2024 का पत्र राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य विभागों को गया है। उसमें लक्ष्य 100% ई-केवाईसी है, और सुविधा यह कि One Nation One Ration Card (ONORC) की तर्ज़ पर लाभार्थी अपने “होम स्टेट” गए बिना किसी भी जगह से ई-केवाईसी करवा सके। पत्र प्रवासी मज़दूरों के लिए इसे ख़ास तौर पर फ़ायदेमंद बताता है।

राशन कार्ड राज्य सरकारें जारी करती हैं और चलाती हैं (NFSA पोर्टल पर “Know Your Ration Card” राज्यवार सूची है), इसलिए आपको कब तक और क्या करना है, यह आपके राज्य का आदेश तय करता है। एक राष्ट्रीय अंतिम तिथि हमें आधिकारिक पेजों पर नहीं मिली, और कोई तिथि हम अंदाज़े से नहीं लिख रहे।

प्रक्रिया: राशन दुकान पर

राशन दुकान पर ई-केवाईसी के क़दम
  1. राशन दुकान (FPS) पर जाएँआधार और राशन कार्ड साथ लेकर।
  2. दुकानदार ई-पॉस मशीन पर ई-केवाईसी शुरू करता हैहर सदस्य की बारी अलग-अलग।
  3. उँगली या आँख (IRIS) से आधार बायोमेट्रिकसुविधा हो तो दोनों में से एक तरीका।
  4. राशन कार्ड और आधार का विवरण मिलाया जाता हैपूरा मेल हो तो मंज़ूरी, वरना जाँच।

DFPD के दिशानिर्देश के अनुसार लाभार्थी राशन दुकान (FPS) जाता है, दुकानदार ई-पॉस मशीन पर ई-केवाईसी शुरू करता है, और बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण से पहचान होती है; सफल होने पर आधार से नाम और जनसांख्यिकीय विवरण आते हैं। पत्र में सुझाव है कि सफलता दर बढ़ाने के लिए उँगली के साथ आँख (IRIS) वाला विकल्प भी दिया जाए।

फिर आधार का विवरण और राशन कार्ड की जानकारी मिलाई जाती है। अगर दोनों पूरी तरह मिलते हैं, तो ज़िला अधिकारी ई-केवाईसी मंज़ूर करता है। नहीं मिलते, तो ज़रूरत पड़ने पर मौके पर जाँच होती है और अधिकारी मंज़ूर या अस्वीकार करता है, कारण दर्ज होता है। इसलिए आधार और राशन कार्ड में नाम एक जैसा रखना काम आता है। आधार के नाम या पते में सुधार का तरीका आधार अपडेट कैसे करें में है।

न कराने पर क्या: एक राज्य का उदाहरण

ई-केवाईसी से पहले तैयार रखें

स्रोत: DFPD का पत्र (25.06.2024) और PIB, 3 जून 2025 (गुजरात)।

गुजरात सरकार ने ई-केवाईसी को राशन कार्ड धारकों के लिए अनिवार्य किया, ताकि सब्सिडी वाले अनाज की पात्रता बनी रहे; सभी को 30 जून 2025 तक इसे पूरा करना था। PIB (3 जून 2025) के अनुसार वहाँ डाक विभाग मुफ़्त घर-घर ई-केवाईसी कर रहा था, और अगर किसी कार्ड धारक का मोबाइल नंबर आधार में अपडेट नहीं है, तो डाककर्मी पहले उसे अपडेट करते थे, फिर ई-केवाईसी।

यह सिर्फ़ गुजरात का उदाहरण है। आपके राज्य में अंतिम तिथि, मुफ़्त घर-सेवा या कार्रवाई अलग हो सकती है, इसलिए अपने राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की सूचना देखिए, या अपनी राशन दुकान से पूछिए।

परिवार के सदस्य जो दूसरे राज्य में हैं

DFPD के पत्र का उद्देश्य यही है कि ONORC के तहत लाभार्थी अपने “होम स्टेट” (जहाँ कार्ड बना) गए बिना, “सेल स्टेट” (जहाँ से वह अनाज ले रहा है) की राशन दुकान पर ई-केवाईसी करा सके। पर पत्र राज्यों से तकनीकी तैयारी (API और ट्रायल) करने को कहता है, यानी यह सुविधा हर राज्य में एक साथ चालू होने का दावा पत्र नहीं करता। अपने राज्य के लिए पूछ लीजिए। बच्चों का आधार अलग नियम से चलता है; उसके लिए बच्चों का आधार देखिए।

ई-केवाईसी के कागज़ सँभालना

हाथ से: राशन कार्ड, हर सदस्य के आधार और ई-केवाईसी की पावती (अगर मिले) की फ़ोटो एक फ़ोल्डर में रखिए, और राशन दुकान के जाने से पहले की जाँच-सूची का स्क्रीनशॉट भी। घर बदलने पर राशन कार्ड का पता भी बदलना पड़ता है; उसके बाकी कागज़ घर बदलने के गाइड में हैं।

Paperlock में राशन कार्ड और आधार की फ़ोटो रखने से ऐप उन्हें पढ़ लेता है, और आप पूछ सकते हैं कि किस सदस्य का कौन-सा नंबर क्या है।

यह पेज अक्टूबर 2026 में DFPD और PIB के पेजों पर उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। अपने राज्य की तिथि और प्रक्रिया अपने खाद्य विभाग से पक्की करें।