सीधा जवाब: 5 साल से छोटे बच्चे का आधार, जिसे आम बोलचाल में बाल आधार कहते हैं, मुफ़्त बनता है और उसमें सिर्फ़ बच्चे की फ़ोटो ली जाती है, उंगलियों के निशान और आँखों का स्कैन नहीं। इसके लिए जन्म प्रमाण पत्र और माता या पिता का आधार चाहिए। फिर बच्चा 5 साल का हो और दोबारा 15 साल का, तब उसका अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) कराना होता है। UIDAI के अनुसार यह अपडेट 30 सितंबर 2027 तक 5 से 17 साल के सभी बच्चों के लिए मुफ़्त है।
छोटे बच्चे के बायोमेट्रिक इसलिए नहीं लिए जाते कि उस उम्र में उंगलियों और आँखों की बनावट अभी पूरी नहीं होती। इसीलिए बाद के दो अपडेट ज़रूरी हैं, और यही वह हिस्सा है जो अक्सर छूट जाता है।
- 5 साल से पहलेनामांकन: सिर्फ़ फ़ोटो, उंगलियाँ और आँखें नहीं
- 5 साल परपहला अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU)
- 7 साल के बाद भी नहींआधार निष्क्रिय हो सकता है
- 15 साल परदूसरा अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट
- 30.09.2027 तक5 से 17 साल तक MBU पूरी तरह मुफ़्त
स्रोत: UIDAI होम पेज और Enrolment & Update FAQ; PIB विज्ञप्तियाँ (जुलाई और अक्टूबर 2025), uidai.gov.in पर।
5 साल से छोटे बच्चे का आधार कैसे बनता है
स्रोत: UIDAI, Enrolment & Update FAQ, अक्टूबर 2026। पते के सबूत के लिए माता-पिता के आधार वाले नियम केंद्र पर पूछ लें।
बच्चे को माता, पिता या क़ानूनी अभिभावक के साथ किसी आधार केंद्र पर ले जाइए। हर केंद्र हर काम नहीं करता; UIDAI के केंद्र-खोज वाले नक्शे में कुछ केंद्र सिर्फ़ बच्चों के नामांकन वाले भी दिखते हैं।
केंद्र पर बच्चे का नाम, जन्मतिथि, लिंग और पता दर्ज होता है, और बच्चे की एक फ़ोटो खिंचती है। माता-पिता में से एक या दोनों बच्चे की ओर से अपनी पहचान की पुष्टि करते हैं और फ़ॉर्म पर सहमति देते हैं। अंत में एक पावती पर्ची मिलती है जिस पर नामांकन संख्या (EID) होती है; आधार बनने तक इसे सँभालकर रखिए।
दो नियम जिन पर लोग अटकते हैं:
- माता-पिता का आधार पहले। बच्चे के फ़ॉर्म में माता-पिता या अभिभावक का नाम और आधार नंबर दर्ज करना अनिवार्य है। अगर उनका अपना आधार नहीं है, तो बच्चे का नामांकन नहीं हो सकता। सिर्फ़ माँ का नाम दर्ज कराना भी पूरी तरह मान्य है।
- जन्म प्रमाण पत्र। 1 अक्टूबर 2023 या उसके बाद जन्मे बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य है। प्रमाण पत्र गुम हो गया हो, तो पहले उसकी कॉपी निकलवाइए; उसका तरीका जन्म प्रमाण पत्र वाले पेज पर है।
नवजात से जुड़े बाकी कागज़ों की सूची नवजात के कागज़ों वाले पेज पर है।
5 और 15 साल पर अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट
अंदाज़न हिसाब, जन्मदिन के आधार पर। MBU केंद्र पर ही होता है और किसी दूसरे अपडेट के साथ नहीं जुड़ता।
जब बच्चा 5 साल का होता है, तब उसका पहला MBU होता है: फ़ोटो, दसों उंगलियों के निशान और दोनों आँखों का स्कैन। UIDAI इसे लगभग नए नामांकन की तरह मानता है, लेकिन आधार नंबर वही रहता है। 15 साल की उम्र पर दूसरा MBU होता है, जिसमें फिर से सारे बायोमेट्रिक लिए जाते हैं।
यह काम सिर्फ़ आधार केंद्र पर होता है, ऑनलाइन नहीं। बच्चे का आधार नंबर साथ ले जाइए। एक बात ध्यान रखिए: MBU अकेला काम है, उसी समय उसके साथ नाम या पते जैसा कोई दूसरा अपडेट नहीं जोड़ा जा सकता।
जिन बच्चों का पहला MBU बाकी है, उनके आधार से जुड़े मोबाइल पर UIDAI ने SMS भेजना शुरू किया है। ऐसा संदेश आए, तो उसे अनदेखा न करें।
शुल्क: अभी क्यों मुफ़्त है
आम नियम यह है कि पहला MBU 5 से 7 साल की उम्र में और दूसरा 15 से 17 साल की उम्र में मुफ़्त होता है; इन उम्रों के बाहर हर MBU का शुल्क ₹125 है। अक्टूबर 2025 में UIDAI ने 7 से 15 साल के बच्चों का शुल्क भी माफ़ कर दिया, और मौजूदा दर सूची के अनुसार यह छूट 30 सितंबर 2027 तक है। यानी इस तारीख तक 5 से 17 साल के किसी भी बच्चे का MBU मुफ़्त है।
| उम्र | MBU शुल्क (अक्टूबर 2026) |
|---|---|
| 5 से 7 साल (पहला MBU) | मुफ़्त |
| 7 से 15 साल | 30.09.2027 तक मुफ़्त, सामान्यतः ₹125 |
| 15 से 17 साल (दूसरा MBU) | मुफ़्त |
| दूसरे मामलों में | ₹125 |
अपडेट न कराया तो क्या होगा
UIDAI ने जुलाई 2025 की विज्ञप्ति में साफ़ लिखा है कि अगर बच्चे का MBU 7 साल की उम्र के बाद भी नहीं होता, तो मौजूदा नियमों के अनुसार उसका आधार नंबर निष्क्रिय किया जा सकता है। बायोमेट्रिक अपडेट वाला आधार स्कूल दाख़िले, प्रवेश परीक्षाओं के पंजीकरण, छात्रवृत्ति और DBT जैसी योजनाओं में काम आता है, जहाँ लागू हो। स्कूल से जुड़े बाकी कागज़ स्कूल के कागज़ों वाले पेज पर हैं।
बड़ों की तरह बच्चों के आधार पर भी 10 साल वाला दस्तावेज़ अपडेट और पता बदलने के नियम लागू होते हैं; उनके लिए आधार अपडेट वाला पेज देखें।
तारीख कैसे याद रखें
हाथ से: बच्चे के 5वें और 15वें जन्मदिन के कुछ हफ़्ते बाद की एक-एक एंट्री कैलेंडर में डाल दीजिए। ऊपर का कैलकुलेटर यह एंट्री बना देता है, 30 और 7 दिन पहले की याद के साथ। नामांकन की पर्ची और बच्चे का e-Aadhaar एक फ़ोल्डर में रखिए।
Paperlock में बच्चे का आधार और जन्म प्रमाण पत्र रखेंगे, तो ऐप उन्हें पढ़कर खुद फ़ाइल कर देता है। कई साल बाद स्कूल के फ़ॉर्म पर “बेटी का आधार नंबर?” पूछिए, दस्तावेज़ सामने होगा।
यह पेज अक्टूबर 2026 में uidai.gov.in पर दर्ज नियमों पर आधारित है। मुफ़्त अवधि बदल सकती है; केंद्र जाने से पहले uidai.gov.in या 1947 पर जाँच लें।