सीधा जवाब: ऑनलाइन पीएफ निकासी के लिए आपका UAN एक्टिवेट होना चाहिए, और आधार, बैंक खाता और मोबाइल नंबर UAN के साथ KYC में दर्ज और सत्यापित होने चाहिए; EPFO के FAQ में क्लेम की यही शर्त है। नियम के हिसाब से, PIB (15 अक्टूबर 2025) के अनुसार, पात्र राशि का 75% बिना दस्तावेज़ के कभी भी निकाला जा सकता है और 25% न्यूनतम शेष रखा जाता है। बेरोज़गारी में 75% तुरंत और बाकी 25% एक साल बाद।
स्रोत: EPFO, FAQ on UAN & KYC और COVID क्लेम FAQ। स्थिति पोर्टल पर देख लें।
पहली रुकावट: UAN और KYC
- यूनिफ़ाइड मेंबर पोर्टल खोलेंunifiedportal-mem.epfindia.gov.in
- Activate UAN चुनेंUAN, मेंबर आईडी, आधार या पैन में से कोई एक डालें।
- नाम, जन्म तिथि, मोबाइल, ईमेल भरें और PIN लेंजैसा EPFO रिकॉर्ड में है, वैसा।
- OTP से सत्यापित करेंपासवर्ड रजिस्टर्ड मोबाइल पर आता है।
UAN 12 अंकों की संख्या है जो EPFO हर सदस्य को देता है और जिसके नीचे अलग-अलग नौकरियों के मेंबर आईडी जुड़ते हैं। EPFO के FAQ के अनुसार जब UAN में KYC (आधार, पैन, बैंक वगैरह) सही दर्ज हो, तब सदस्य नियोक्ता के बिना कई ऑनलाइन सेवाएँ ख़ुद ले सकता है। क्लेम से जुड़े FAQ में साफ़ शर्त है: UAN आधार से सत्यापित हो, और बैंक खाते व मोबाइल का KYC UAN में दर्ज हो।
एक्टिवेशन में कुछ बातें ध्यान में रखिए, EPFO के FAQ के अनुसार: आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर PIN आता है; एक मोबाइल नंबर एक ही UAN के लिए इस्तेमाल हो सकता है; और UAN का पंजीकरण-एक्टिवेशन सिर्फ़ ऑनलाइन होता है, ऑफ़लाइन नहीं। अगर UAN नंबर याद नहीं, तो पोर्टल पर मेंबर आईडी, आधार या पैन से UAN पता किया जा सकता है।
अपना बैलेंस जानने के लिए EPFO की मिस्ड कॉल सेवा भी है: रजिस्टर्ड नंबर से 9966044425 पर मिस्ड कॉल देने पर, अगर UAN बैंक खाते, आधार और पैन में से किसी से जुड़ा है, तो आख़िरी योगदान और पीएफ बैलेंस की जानकारी मिलती है।
नए निकासी नियम: क्या बदला
- 75%पात्र राशि का, बिना दस्तावेज़ के कभी भी निकालने योग्यनियोक्ता का योगदान भी शामिल
- 12 महीनेसभी तरह की निकासी के लिए एक समान सेवा अवधिपहले सात साल तक
- 25%न्यूनतम शेष, जो बेरोज़गारी में एक साल बाद निकल सकता हैरिटायरमेंट आदि में पूरी निकासी
स्रोत: PIB, श्रम मंत्रालय, 15 अक्टूबर 2025; CBT के फ़ैसले। लागू होने का रूप पोर्टल पर देखें।
PIB के स्पष्टीकरण (15 अक्टूबर 2025) में EPFO के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) के फ़ैसलों का सार है:
- आंशिक निकासी के 13 जटिल प्रावधान एक ही ढाँचे में मिला दिए गए, तीन श्रेणियों में: ज़रूरी ज़रूरतें (बीमारी, शिक्षा, विवाह), आवास की ज़रूरतें और विशेष परिस्थितियाँ।
- निकालने योग्य रकम में अब कर्मचारी के योगदान और ब्याज के साथ नियोक्ता का योगदान भी गिना जाता है।
- पात्रता की सेवा अवधि अलग-अलग (सात साल तक) की जगह सभी निकासी के लिए 12 महीने है।
- पात्र राशि का 75% बिना दस्तावेज़ के कभी भी; 25% न्यूनतम शेष (बुढ़ापे की पूँजी के लिए)।
- बेरोज़गारी में 75% तुरंत और बाकी 25% एक साल बाद। रिटायरमेंट (55 वर्ष), स्थायी विकलांगता, काम करने में अक्षमता, छँटनी, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति या हमेशा के लिए भारत छोड़ने जैसे मामलों में पूरी निकासी की अनुमति है।
पेंशन (EPS) का हिसाब अलग है: PIB के अनुसार 10 साल की सेवा पूरी करने पर ही पेंशन की पात्रता बनती है, और पेंशन जमा निकालने की अवधि 2 महीने से बढ़ाकर 36 महीने करने का प्रावधान प्रस्तावित बताया गया है।
ध्यान रखें: ये CBT के फ़ैसले हैं
PIB का स्पष्टीकरण CBT के फ़ैसलों के बारे में है। आपके क्लेम फ़ॉर्म पर वे किस रूप में लागू हैं, यह हमें EPFO के किसी निर्देश-पत्र से नहीं मिला, इसलिए यूनिफ़ाइड मेंबर पोर्टल पर क्लेम का विकल्प देखिए और अपने क्षेत्रीय पीएफ कार्यालय से पक्का करें। पीएफ से जुड़ी आय का कर-व्यवहार अलग सवाल है, जिसके लिए कर सलाहकार से पूछिए; यह पेज उस पर कुछ नहीं कहता।
UAN और KYC के कागज़ सँभालना
हाथ से: UAN संख्या, मेंबर आईडी, पीएफ पासबुक और आधार-बैंक के कागज़ों की फ़ोटो एक फ़ोल्डर में रखिए; हर नौकरी बदलने पर पुराने नियोक्ता का अंतिम पीएफ कागज़ भी जोड़ दीजिए। नई नौकरी के कागज़ों की सूची नई नौकरी शुरू करते समय में है।
Paperlock में पीएफ पासबुक और सैलरी स्लिप रखने पर ऐप उन्हें पढ़ लेता है और “मेरा UAN क्या है” जैसे सवाल का जवाब उसी दस्तावेज़ से देता है। आधार में मोबाइल या नाम सुधारना हो तो आधार अपडेट देखिए; पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण पत्र का पेज है।
यह पेज अक्टूबर 2026 में EPFO और PIB के पेजों पर उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। अपने क्लेम के लिए EPFO पोर्टल या क्षेत्रीय कार्यालय से पुष्टि करें।