सीधा जवाब: निवास (डोमिसाइल) प्रमाण पत्र राज्य के पोर्टल से बनता है, और इसके दस्तावेज़, शुल्क और जारी करने वाला अधिकारी राज्य के नियम से तय होते हैं। उदाहरण के लिए राजस्थान के ई-मित्र पोर्टल पर आवेदन के समय ₹50 का टोकन और प्रमाण पत्र प्रिंट करने पर ₹20 लगते हैं, और दस्तावेज़ ऐसे चाहिए जो 10 वर्ष से निवास दिखाएँ। बिहार में यह सेवा RTPS पोर्टल पर आवासीय प्रमाण-पत्र के नाम से है। जो बातें इन पेजों पर नहीं लिखी हैं, जैसे वैधता अवधि, उन्हें हम अंदाज़े से नहीं बताएँगे। जानकारी अक्टूबर 2026 में जाँची गई है।

नाम अलग-अलग क्यों दिखते हैं

राजस्थान ई-मित्र पर निवास प्रमाण पत्र के लिए दस्तावेज़

स्रोत: ई-मित्र, राजस्थान सरकार — मूल निवास प्रमाण पत्र हेतु आवश्यक दस्तावेज़ · अक्टूबर 2026 में जाँचा गया। पेज के अनुसार दस्तावेज़ 10 वर्ष से निवास का प्रमाण दें।

एक ही चीज़ को अलग राज्य अलग नाम देते हैं। राजस्थान में पोर्टल पर ‘मूल निवास’ या ‘Bonafide’ सेवा है, बिहार में ‘आवासीय प्रमाण-पत्र’, और महाराष्ट्र के आपले सरकार पोर्टल पर राजस्व विभाग की सेवा का नाम ‘Age Nationality Domicile’ है। इसलिए पोर्टल पर खोजते समय एक ही शब्द पर मत अटकिए: मूल निवास, आवासीय, डोमिसाइल, बोनाफाइड, इनमें से जो मिले वही सेवा है।

यह भी याद रखिए कि यह जाति प्रमाण पत्र से अलग काग़ज़ है। जाति प्रमाण पत्र की वैधता और डुप्लीकेट का नियम जाति प्रमाण पत्र वाले पेज में है। जहाँ दोनों माँगे जाएँ, वहाँ दोनों अलग आवेदन से बनते हैं।

राजस्थान: दस्तावेज़ और प्रक्रिया

राजस्थान ई-मित्र पर शुल्क
आवेदन जमा करते समय (टोकन)
₹50
प्रमाण पत्र प्रिंट करते समय
₹20
दोबारा प्रिंट
₹0

स्रोत: ई-मित्र, राजस्थान सरकार · अक्टूबर 2026। शुल्क बदलते रहते हैं और दूसरे राज्यों में अलग हैं।

ई-मित्र के पेज के अनुसार आवेदक का आधार कार्ड, जनआधार कार्ड, वोटर कार्ड, राशन कार्ड, बिजली/पानी/टेलीफ़ोन बिल, या ड्राइविंग लाइसेंस/पासपोर्ट चाहिए, जिनसे 10 वर्ष से निवास का प्रमाण मिले। इनके साथ पता प्रमाण, मार्कशीट संबंधी दस्तावेज़ और आवेदन पत्र एक PDF में लगाए जाते हैं। पेज की चेतावनी याद रखिए: PDF के नाम में खाली जगह या विशेष चिह्न नहीं होने चाहिए, और फ़ाइल का साइज़ 2 MB से कम हो।

प्रक्रिया ऊपर के चरणों में है: ई-मित्र एप्लीकेशन सर्विसेज़ में सेवा खोजकर जनआधार संख्या से आवेदक चुनिए, OTP से सत्यापित कीजिए, ‘Fetch Address’ से वर्तमान और स्थायी पता जाँचिए, फ़ॉर्म भरकर PDF जोड़िए और सबमिट कीजिए। उसके बाद टोकन जमा होता है।

शुल्क और डाउनलोड

ई-मित्र पर आवेदन से डाउनलोड तक (राजस्थान)
  1. सेवा खोजेंई-मित्र एप्लीकेशन सर्विसेज़ में ‘मूल निवास’ या ‘Bonafide’ सेवा
  2. जनआधार से सत्यापनजनआधार संख्या से आवेदक चुनें और OTP से सत्यापित करें
  3. फ़ॉर्म भरें, PDF जोड़ेंपता जाँचकर सारे दस्तावेज़ एक PDF में अपलोड करें; PDF के नाम में खाली जगह या चिह्न न हों
  4. ₹50 का टोकनफ़ॉर्म सबमिट होने पर टोकन जमा करें
  5. प्रिंट डिजिटल सर्टिफ़िकेटटोकन नंबर से ₹20 देकर PDF खोलें, डाउनलोड बटन से सेव करें

स्रोत: ई-मित्र, राजस्थान सरकार · अक्टूबर 2026

पेज पर शुल्क ये हैं: आवेदन जमा करते समय ₹50 (टोकन), प्रमाण पत्र प्रिंट करने पर ₹20, और दोबारा प्रिंट पर ₹0। प्रमाण पत्र निकालने के लिए यूटिलिटी सर्विस में ‘Print Digital Certificate’ चुनकर टोकन नंबर डालिए और ₹20 दीजिए। फिर रसीद पर दिए ‘Click Here’ लिंक से PDF खुलती है; पेज के अनुसार इसे प्रिंट बटन से नहीं, डाउनलोड बटन से सेव कीजिए। दोबारा प्रिंट मुफ़्त है, तो प्रमाण पत्र खो जाए तो डिजिटल कॉपी वहीं से फिर निकल सकती है, पर वह राजस्थान के लिए इस पेज के आधार पर है।

पेज पर प्रमाण पत्र बनने का समय, जारी करने वाले अधिकारी का नाम और वैधता नहीं लिखी है। पेज बताता है कि आवेदन का सत्यापन तहसील स्तर के अधिकारी करते हैं।

बिहार: RTPS पोर्टल

बिहार के serviceonline.bihar.gov.in पर आवासीय प्रमाण-पत्र का निर्गमन अंचल स्तर, अनुमंडल स्तर और जिला स्तर पर दिखता है। पोर्टल के निर्देश के अनुसार अंचल या प्रखंड स्तर पर पहले दिए गए निवास, जाति या आय प्रमाण पत्र की किसी भी सेवा का आवेदन संदर्भ नंबर देकर आवेदन किया जा सकता है, दोबारा डाटा एंट्री की ज़रूरत नहीं। अनुमंडल या जिला स्तर पर भी यही सुविधा अंचल या अनुमंडल की संदर्भ संख्या और आवेदक के नाम से है। पहचान के लिए आधार नंबर देने पर आधार से जुड़े मोबाइल पर OTP आता है; वरना चुनाव आयोग के मान्य 12 पहचान पत्रों में से एक अपलोड करना होता है, और पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो चाहिए।

प्रमाण पत्र जारी होने पर वह आपको SMS में डाउनलोड लिंक, ईमेल, DigiLocker, सर्विसप्लस इनबॉक्स या पोर्टल के लिंक से मिल सकता है। पोर्टल के पन्नों पर वैधता और शुल्क इस सेवा के लिए नहीं लिखे थे, इसलिए आवेदन के समय सेवा के पन्ने पर जो दिखे, वही मानिए।

कब चाहिए: माँगने वाले से पूछिए

हमारे देखे सरकारी पेज यह सूची नहीं देते कि निवास प्रमाण पत्र कहाँ-कहाँ ज़रूरी है। यह उस संस्था पर निर्भर है जहाँ आप जमा कर रहे हैं: स्कूल या कॉलेज का दाखिला, किसी भर्ती का फ़ॉर्म, या योजना का आवेदन। पूछने लायक दो बातें हैं: क्या मूल निवास या डोमिसाइल ही चाहिए, या आधार और बिजली बिल जैसा पते का प्रमाण चल जाएगा, और प्रमाण पत्र कितना पुराना चलेगा। राशन कार्ड का e-KYC राशन कार्ड e-KYC वाले पेज में है, और वोटर आईडी का आधार से लिंक वोटर आईडी को आधार से जोड़ना में।

सहेजने का तरीका

हाथ से: डाउनलोड की गई PDF को एक ही फ़ोल्डर में रखिए, फ़ाइल के नाम में राज्य और साल लिख दीजिए, और आवेदन की रसीद या टोकन नंबर भी अलग से सहेजिए। राजस्थान के पेज के अनुसार दोबारा प्रिंट मुफ़्त है, पर उसके लिए टोकन नंबर चाहिए।

Paperlock में निवास प्रमाण पत्र की फ़ोटो या PDF रखेंगे तो ऐप जारी करने वाले, तारीख़ और प्रकार पढ़कर उसे फ़ाइल कर देता है। बाद में पूछिए “मेरा निवास प्रमाण पत्र कब का है?” और जवाब के साथ दस्तावेज़ सामने आ जाएगा। ऐसे बाकी कागज़ों को सँजोने का तरीका ज़रूरी दस्तावेज़ों का संगठन में है।

यह पेज अक्टूबर 2026 में राजस्थान ई-मित्र, बिहार RTPS और महाराष्ट्र आपले सरकार पोर्टल की प्रकाशित जानकारी पर आधारित है। अपने राज्य के नियम और माँगने वाली संस्था की शर्तें पक्की कर लीजिए।